40+ Amazing Facts About Pigeon in Hindi | कबूतर पर निबंध

 Pigeon in Hindi | कबूतर पर निबंध 


Pigeon in Hindi-कबूतर पर निबंध
Pigeon


इस आर्टिकल में आज आपको कबूतर के बारे में जानकारी और कबूतर पर निबंध दूंगा जो बहोत महत्वपूर्ण है|

कबूतर (Pigeon) एक पक्षी है जो हजारों सालों से इंसानों के करीब है और इंसानों के बहोत काम भी आता है|


इस दुनिया में कबूतर की लगभग 300 से भी ज्यादा प्रजातियाँ पायी जाती है|


सहारा रेगिस्तान, अन्टार्क्टिका और आर्कटिक को छोड़कर यह पक्षी पूरी दुनिया में पाया जाता है|


भारत, मलेशिया, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में कबूतरों की सबसे बड़ी प्रजातियाँ पायी जाती है|


इन पक्षियों को इनकी सुंदरता और बुद्धिमत्ता की वजह से घर में पाला जाता है|


कबूतर उष्णकटिबंधीय वर्षावन, घास के मैदान, चट्टानी क्षेत्र और रेगिस्तान में भी रहेते हैं|



पौराणिक काल से इंसान कबूतरों का पत्र भेजने के लिए इस्तेमाल करते थे|


कबूतरों में उडान भरने के लिए प्रयोग की जानेवाली मजबूत मांसपेशियां होती है जिसकी मदद से यह  6 हजार फीट की ऊंचाई पर भी उड़ सकते हैं|


Pigeon in Hindi-कबूतर पर निबंध
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Pigeon(कबूतर) Information, Meaning, Essay in Hindi


हुमर नस्ल का कबूतर सबसे पुरानी नस्ल का कबूतर माना जाता है और इसी नस्ल के कबूतर से बहोत सारी दूसरी नस्लें बनायीं गयी है|


कबूतर की कुछ नस्लें तो शहर के नाम से जानी जाती हैं जिनमे हैदराबादी जंगले, सह्जानपुरी, फर्काबादी, सहारनपुरी मुख्य हैं|


यह बहोत बुद्धिमान होते हैं, इन पक्षियों से Mirror Test भी पास किया है, यह मानव वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर को पहेचन सकते हैं, तस्वीरों के बीच अंतर कर सकते हैं|


यह अपनेआप को शीशे में देखकर पहेचान लेते हैं और इंसान की चेहरे को याद रख सकते हैं|


दाना खिलानेवाले व्यक्ति को कबूतर याद रखते हैं फिर चाहे वो व्यक्ति अलग अलग कपडे पहेनकर ही क्यू न आये|


तट रक्षकों ने समुद्र में खोये लोगों को ढूंढने के लिए कबूतरों को प्रशिक्षित किया है|


कबूतर एक सेकंड में दस बार पंख को फडफडा सकते हैं|


Pigeon in Hindi-कबूतर पर निबंध
कबूतर 


कबूतर के बारे में जानकारी 


यात्री कबूतरों का एक झुंड 1.5 किमी लम्बा और 500 किमी चौड़ा दक्षिण ओंटारियो में देखा गया था और इस कबूतरों के झुंड को ऊपर से गुजरने में 14 घंटे लग गए थे और इस झुंड में 3.5 बिलियन कबूतर थे|


कबूतर प्रति घंटे 50 से 60 मील की स्पीड से उड सकते हैं|


प्रथम और द्रितीय विश्वयुद्ध के दौरान कबूतरों का संदेशावाहक के रूप में उपयोग किया जाता था और इन कबूतरों की वजह से कई लोगों की जान भी बचाई गयी थी|  


यह पक्षी बहोत खुबसूरत और शांत होते हैं इसलिए इन्हें प्रेम का प्रतिक भी माना जाता है और इसलिए कई सारी फिल्मों और कथाओं में कबूतर का जिक्र देखने को मिलता है|


यह एक ऐसा पक्षी है जो हजारों साल पहेले भी इंसानों के साथ मौजूद था|


यह अपने जीवनकाल में एक ही जोड़ा बनाकर रहेते हैं और एक साल में 8 बार अंडे दे सकते हैं|


18 से 21 दिनों में कबूतर के अंडे में से बच्चे निकलते हैं और 3 महीनो में वो बच्चे पूरी तरह से बड़े हो जाते हैं|


कबूतरों को उड़ाने से पहेले कम खाना खिलाना चाहिए|


कबूतर की उम्र बाकी पक्षियों से ज्यादा होती है एक जंगली कबूतर 30 साल से भी ज्यादा जी सकता है और घर में पालतू कबूतर 10 से 15  साल तक जी सकता है|


इन पक्षियों का दिमाग बहोत तेज होता है जिसकी वजह से यह आसानी से कोई भी रास्ता याद रख सकते हैं और यह एक जगह से दूसरी जगह वापिस आने के लिए सूर्य की दिशा, अपनी अंधरूनी दिशा और चुंबकीय किरण का इस्तेमाल करते हैं|


इनकी किसी भी आवाज को सुनने की क्षमता बहोत तेज होती है जिसके कारण यह तूफान, भूकंप आने की आवाज को आसानी से सुन सकते हैं|


एक रिसर्च में पाया गया है की इनको गणित भी सिखाया जा सकता है क्यूंकि यह अंको को पहेचान सकते हैं और चीजों को क्रम में जमा सकते हैं| इनकी गणितीय क्षमता किसी बंदर से कम नहीं होती|


बेल्जियम के एक रेसर कबूतर को 14 करोड़ में ख़रीदा गया था, यह एक दो साल की मादा कबूतर है जिसका नाम न्यू किम है|


इसाई धर्म में कबूतर को शांति का प्रतिक माना जाता है, हिन्दू धर्म में राती नाम की देवी की सवारी कबूतर है, शिख धर्म में माना जाता है की अगर किसी शिख ने किसी कबूतर को कुछ भी खिला दिया तो वो अगले जन्म में कभी भूखा नहीं रहेगा|


इस्लाम धर्म के मुताबिक घर में कबूतर पालने से उस घर के बच्चों से शैतान दूर रहेता है और बच्चे गलत राह पर नहीं जाते हैं|


इस्लाम धर्म में कबूतर पालने पर कोई पाबंदी नहीं है लेकिन शर्त यह है की इनका अच्छे से ख्याल रखा जाए, अगर आप बाहर जाए तो इनके खाने पिने का इन्तेजाम करके जाए|


इस्लाम धर्म में कहा गया है की आप कबूतर पालते हो और उसका अच्छे से ख्याल नहीं रखते हो, उसे तकलीफ देते हो, उसे खाना-पीना टाइम से नहीं देते हो तो आपको कबूतर की बद्दुआ लग सकती है और आप उसके गुनाहगार हो जाओगे|


Pigeon in Hindi-कबूतर पर निबंध
कबूतर


कबूतर पालने के फायदे


जिस घर में कबूतर पाले जाते हैं उस घर में सुख-समृद्धि, धन, दौलत और किसी भी चीज की कमी नहीं होती|


घर में कबूतर या कोई भी पक्षी घोंसला बनाये तो लक्ष्मी का आगमन होता है|


घर में कबूतर पाले हो तो हर शुक्रवार को उसे चावल खिलाने से धन की देवी महालक्ष्मी बहोत खुश होती हैं|


कबूतरों के पर की हवा मिलने से इन्सान को कोई बीमारी नहीं होती और आपके शरीर को लकवा (पेरेलिसिस) हुआ है तो वो भी ठीक हो जाता है|


घर में कबूतर पालने से किसी भी तरह का तनाव नहीं होता|


आपकी कुंडली में कोई भी दोष हो तो आपको कबूतर पालना चाहिए अगर आप कबूतर नहीं पालना चाहते तो किसी दुसरे के कबूतर को दाना दाल सकते हो|


ये सब तभी सही होगा जब आप कबूतरों का ध्यान अच्छे से रखेंगे|


नर और मादा कबूतर की पहेचान कैसे करें ?


नर कबूतर की गर्दन जाडी और लंबी होती है और मादा कबूतर की गर्दन छोटी और पतली होती है|


नर कबूतर की छाती का भाग ज्यादा चौड़ा होगा और मादा कबूतर की छाती का भाग कम चौड़ा होगा|


कबूतर का मिट खाने के फायदे (कबूतर को खाने के फायदे)


कबूतर को हमारे देश में बहोत कम खाया जाता है लेकिन मिडिल ईस्ट में इसे बहोत ज्यादा खाया जाता है और इसका मिट खाने के फायदे भी बहोत हैं|


सप्ताह में एक बार कबूतर का मिट खाने से बाल काले होंगे, बाल झड़ने बंध होंगे और बाल घने भी होंगे|


कबूतर का मिट गरम होता है और इसमें प्रोटीन भी बहोत होता है इसलिए इसे खाने से मशल्स का निर्माण अच्छे से होता है|


शरीर के आंतरिक घाव नहीं भरते हैं या बहोत ज्यादा समय लग रहा है तो कबूतर का मिट खाना चाहिए इससे शरीर के घाव जल्दी भरने लगेंगे|


इसे खाने से हकलाने की समस्या भी दूर होती है|


आप लोगों को यह आर्टिकल (Pigeon in Hindi | कबूतर पर निबंध)  कैसा लगा  Comment करके जरूर बताएं|

 

 

 

 


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