Mogra Flower in Hindi

Mogra Flower in Hindi 


Mogra Flower in Hindi
Mogra


मोगरे के फूल को तो सभी जानते हैं लेकिन Mogra Flower की यह महत्वपूर्ण जानकारी कोई नहीं जानता होगा|

यह फूल बहोत ही सुगन्धित होते हैं इनसे इत्तर और मालाएँ बनायीं जाती हैं|


मोगरे के पौधे से बहोत सी औषधियां बनायीं जाती हैं|


मोगरे के पौधे से दांतों के रोग, कान के रोग, स्वांसनली की सुजन, बुखार और चरम रोग के निदान के लिए दवाएं बनायीं जाती हैं|


मोगरे के फूल को संस्कृत में दंतपत्र, देवलता और गंधराजा के नाम से जाना जाता है|



मोगरे का वैज्ञानिक नाम Jasminum Sambac है|


Mogra Flower in Hindi
Mogra

Mogra Flower in Hindi

मोगरे के फूल को हिंदी में चंबा, मुग्रा, मोगरा और बेला के नाम से जाना जाता है और उर्दू में आजाद के नाम से जाना जाता है|


कोंकणी में मोगरे को मोगोरिम के नाम से, कन्नड़ में चाँदमलिगे, गुजराती में डॉलर, तमिल में अदुक्कू, तेलुगु में बोदुमल्ले, बंगाली में वनमल्लिका, नेपाली में बेलिफूल, पंजाबी में चंबा, मराठी में मोगरा और अंग्रेजी में लिली जैस्मिन के नाम से जाना जाता है|


मोगरे का पौधा बारोमांस हराभरा रहेता है| ज्यादातर लोग इसे अपने घर में एक गमले में उगाना पसंद करते हैं|


यह पौधा संपूर्ण भारत में पाया जाता है और इसपर बड़ी पंखुड़ियों वाले छोटे फूल लगते हैं|


मोगरे के पौधे में पत्तियां दो-दो की जोड़ी में एक सीधी लाइन में उगती हैं और यह विषनाशक और वर्णरोधी होती हैं|


मोगरे के पत्तों को चर्म रोग पर पीसकर लगाने से चर्म रोग ठीक हो जाता है और पत्तों को पीसकर चटनी बनाके घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है|


Mogra Flower Information in Hindi


मोगरे के फूल को पीसकर शहद में मिलके खाने से हिचकी की समस्या दूर हो जाती है|


तल के तेल में मोगरे के फूल को पकाकर उस तेल की दो-दो बूँद कान में डालने से कान के रोग दूर हो जाते हैं और कान का दर्द भी ख़त्म हो जाता है|


इसके फूल को पीसकर सिरपर लगाने से सिर का दर्द ख़त्म हो जाता है|


पैर में मोच आने पर इसकी जड़ को पानी के साथ घिसकर मोच वाली जगह पर लेप लगाने से मोच का दर्द और सुजन ठीक हो जाती है|


बुखार आने पर इसके पत्तों को पीसकर पिने से या फिर इसके पत्तों को ऐसे ही खाने से बुखार उतर जाता है|


दाँतों के दर्द में इसके पत्तों का काढ़ा बनाके कुल्ला करने से दांत का दर्द ठीक होता है|


मोगरे का उपयोग एरोमा थेरेपी में होता है|


मोगरे की खुशबु मनमोहक होती है और यह शांति देती है और उत्साह से भर देती है|


मोगरे की चाय बुखार, इन्फेक्शन और मूत्ररोगों में लाभकारी होती है|


मोगरे की पत्ती और फूल से चाय बनाकर पिने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है|


मोगरे की पत्तियों को पीसकर दाद, खुजली, फोड़े और फुन्सियों पर लगाने से लाभ होता है|


इसके पत्तों में काला नमक लगाकर खाने से पेट की गेस दूर होती है|


आप लोगों को Mogra Flower Information in Hindi कैसी लगी Comment करके जरूर बताएं| 


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