Brahma Kamal in Hindi | ब्रह्मकमल एक रहस्यमयी फूल

  Brahma Kamal in Hindi |  ब्रह्मकमल की जानकारी 


Brahma Kamal in Hindi
ब्रह्म कमल 



आज की इस पोस्ट में आपको ब्रह्म कमल की सही जानकारी (Brahma Kamal in Hindi) दूंगा जो आपको बहोत काम आएगी|


ब्रह्मकमल दो प्रकार के होते हैं और यह सफ़ेद रंग के होते हैं|


सूरजमुखी, गेंदा, दहलिया, भृंगराज इन फूलों की जो प्रजाति है उसी में ब्रह्मकमल का भी समावेश होता है|


यह फूल भगवन को बहोत प्रिय होता है और उन्हें अर्पण भी किया जाता है यानी किसी भी देवी-देवता को चढ़ाकर पूजा की जा सकती है|


दुसरे सब फूल और पौधे डाल से खिलते हैं लेकिन ब्रह्मकमल पत्तों से खिलता है|



आदिकाल से ब्रह्मा के नाम से जो पुष्प है उसे ब्रह्मकमल कहा जाता है और यह फूल ब्रह्मा को बहोत प्रिय है|


भारत में ब्रह्मकमल की 60 प्रजातियाँ है जिनमे से 50 तो सिर्फ हिमालय में ही पायी जाती है|


यह फूल ज्यादातर उत्तराखंड, हिमाचल, चीन और बर्मा में पाया जाता है| Brahma Kamal in Hindi


Brahma Kamal in Hindi
ब्रह्म कमल 


ब्रह्मा कमल कब खिलता है ?-ब्रह्म कमल कहाँ पाया जाता है ?


ब्रह्म कमल  सूर्यास्त के बाद ही खिलते हैं और सूर्योदय से पहेले मुरझा भी जाते हैं|

ब्रह्मकमल को उत्तराखंड का राजपुष्प भी कहा जाता है|


यह फूल ज्यादातर हिमालय में ही देखने को मिलता है|


इस फूल की सुगंध, आकार और रंग बहोत अच्छा होता है और इसे पवित्रता और शुद्धता का प्रतिक माना जाता है|


इसे किसी भी समय नहीं तोडा जाता है इसे तोड़ने का एक सही समय होता है और इसे नंदाष्टमी के समय तोडा जाता है|


माना जाता है की कोई इंसान इसे खिलते हुए देखले और कोई दुआ मांगे तो वो पूरी हो जाती है|


इसे अलग अलग जगहों पर अलग अलग नाम से जाना जाता है उत्तराखंड में इसे ब्रह्मकमल, हिमाचल में इसे दुधाफूल और कश्मीर में गलगल के नाम से जाना जाता है| Brahma Kamal in Hindi


ब्रह्मकमल के आयुर्वेदिक फायदे और उपचार-Brahma Kamal Benefits in Hindi

brahma kamal in hindi
Brahma Kamal

इस फूल के अन्दर से निकलनेवाले पानी को पिने से सारी थकान दूर हो जाती है और जिसे पुरानी खांसी हो वो भी ठीक हो जाती है|


इसके फूल की पत्तियों को सुखाकर कैंसर के रोगियों को दिया जाए तो यह उनके लिए फायदेमंद होता है|


इसके फूल रोजाना खाने से भूख की समस्या दूर हो जाती है और इस फूल का रस एंटीसेप्टिक का काम भी करता है|


बुखार आने पर इस फूल के रस का इस्तेमाल किया जा सकता है|


मूत्र मार्ग में इन्फेक्शन होने पर इस फूल का आर्क निकालके खाने से इन्फेक्शन ठीक हो जाता है|


इस फूल की पत्तियों को खाने से हड्डियों में होनेवाला दर्द भी ख़त्म हो जाता है|


इस फूल की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे शर्दी-जुखाम में खाने से राहत मिलती है|


इस फूल का सूप बनाकर पिने से लीवर का इन्फेक्शन ठीक होता है|


आप लोगोंको ब्रह्म कमल की जानकारी (Brahma Kamal in Hindi) कैसी लगी  Comment करके जरूर बताएं|

                                                                                


Previous Post
Next Post
Related Posts